
नारायणपुर। जिला मुख्यालय में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील नायक के मार्गदर्शन में 14 अप्रैल 2026 को यातायात शाखा कार्यालय में पुलिस, नगर पालिका और व्यापारी संघ की संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क किनारे अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने, दुकानों के बाहर सामान-बैनर न रखने और लोडिंग-अनलोडिंग केवल निर्धारित समय पर करने जैसे अहम निर्णयों पर सहमति बनी। सोनपुर रोड क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग से होने वाली परेशानियों पर विशेष चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

बैठक का उद्देश्य और उपस्थिति
पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन गुड़िया (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुशील नायक के मार्गदर्शन में 14 अप्रैल 2026 को यातायात शाखा कार्यालय, नारायणपुर में व्यापारी संघ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पार्षद प्रवीण जैन, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नारायणपुर लोकेश बंसल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचन्द्र यादव, यातायात प्रभारी (रक्षित निरीक्षक) मोहसिन खान उपस्थित रहे। व्यापारी संघ की ओर से अध्यक्ष पंकज जैन, पवन सुराना, धनराज जैन, ललित गोलछा, जाहुरी लाल चौराड़िया, सतीश अग्रवाल तथा टीकम देशलहरा सहित अन्य व्यापारीगण शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू और व्यवस्थित बनाना था।
सोनपुर रोड पर विशेष फोकस: अव्यवस्थित पार्किंग बनी सिरदर्द
बैठक में विशेष रूप से सोनपुर रोड क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग एवं सड़क अतिक्रमण से उत्पन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। व्यापारियों ने माना कि दुकानों के सामने बेतरतीब खड़े वाहन और सड़क तक फैला सामान आम नागरिकों के आवागमन में बाधा बन रहा है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ रहा है।
यातायात पुलिस ने व्यापारियों को यातायात नियमों के पालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें व्यापारी वर्ग की भूमिका अहम है।
बैठक में लिए गए तीन बड़े फैसले
सामूहिक सहमति से बैठक में निम्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
पहला निर्णय: अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटेगा
सड़क किनारे अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण को हटाने पर पूरी सहमति बनी। यातायात पुलिस और नगर पालिका टीम मौके पर पहुंचकर दुकानदारों को समझाइश देगी कि वे सड़क पर वाहनों की पार्किंग एवं अतिक्रमण से बचें। इसका मकसद आम नागरिकों को सुगम यातायात सुविधा देना है।
दूसरा निर्णय: दुकान के बाहर सामान-बैनर पर रोक
दुकानों के बाहर सामान, पोस्टर एवं बैनर न रखने के निर्देश दिए गए। अक्सर दुकानदार अपनी दुकान का सामान फुटपाथ और सड़क तक फैला देते हैं जिससे पैदल चलने वालों को दिक्कत होती है और सड़क संकरी हो जाती है। अब ऐसा करने पर रोक रहेगी।
तीसरा निर्णय: लोडिंग-अनलोडिंग का तय होगा समय
लोडिंग और अनलोडिंग केवल निर्धारित समय पर करने का निर्णय लिया गया। दिन के व्यस्त घंटों में बड़ी गाड़ियों से माल उतारने-चढ़ाने से जाम की स्थिति बनती है। अब प्रशासन जल्द ही इसके लिए समय स्लॉट तय करेगा जिससे पीक आवर्स में यातायात बाधित न हो।
मौके पर दी गई समझाइश, आगे होगी कार्यवाही
बैठक के बाद यातायात पुलिस एवं नगर पालिका टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर दुकानदारों को समझाइश दी गई। टीम ने व्यापारियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से नियमों का पालन करें ताकि जबरदस्ती की नौबत न आए।
प्रशासन ने साफ किया कि यह जागरूकता और सहयोग का चरण है। भविष्य में यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। जुर्माना और सामान जब्ती जैसी कार्रवाई से इनकार नहीं किया गया है।
साझा प्रयास से सुधरेगी तस्वीर
जिला प्रशासन एवं व्यापारी संघ के संयुक्त प्रयास से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह बैठक एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। व्यापारियों ने भी प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे सड़क सुरक्षा के इस अभियान में पूरा सहयोग करेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि नारायणपुर शहर तेजी से बढ़ रहा है और वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में यदि अभी से व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले समय में समस्या और विकराल हो जाएगी।

नारायणपुर में हुई यह समन्वय बैठक बताती है कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद से शहर की बड़ी समस्याएं हल हो सकती हैं। अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अव्यवस्थित लोडिंग-अनलोडिंग सिर्फ यातायात की समस्या नहीं है बल्कि यह सीधे सड़क सुरक्षा और आम नागरिक की सुविधा से जुड़ा मुद्दा है। सोनपुर रोड जैसी व्यस्त सड़कों पर जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य है कि उसने दंड से पहले समझाइश और सहमति का रास्ता चुना। अब जिम्मेदारी व्यापारी वर्ग की है कि वे इन निर्णयों को जमीन पर उतारें। यदि दुकान के सामने की सड़क साफ रही, फुटपाथ पर चलने की जगह मिली और एंबुलेंस या स्कूल बस जाम में न फंसी, तो इसका फायदा पूरे शहर को मिलेगा। नारायणपुर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए यह साझा पहल मील का पत्थर साबित हो सकती है, बशर्ते नियम सिर्फ कागजों में न रह जाएं।
