
नारायणपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले के दूर-दराज गांवों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करने की बात कही।
नारायणपुर जिले में आम जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर जनसमस्याओं के समाधान का प्रमुख मंच बनकर उभरा। कलेक्टर नम्रता जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगें विस्तार से सुनीं और प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से संज्ञान लिया।
जनदर्शन में विभिन्न ग्रामों से आए लोगों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। हरेंद्र कुमार देहारी ने पहाड़ी मंदिर के पास अतिक्रमण हटाने की मांग रखी, वहीं राम सिंह करंगा ने निर्माण कार्य के लंबित भुगतान की समस्या बताई।
ग्राम पंचायत झारावाही के सरपंच ने हैंडपंप और नल जल योजना से जुड़ी समस्याएं उठाईं, जबकि राजेंद्र सिंह मंडावी ने आर्थिक सहायता की मांग की। लोचन दास मानिकपुरी ने आकस्मिक निधि से रोजगार उपलब्ध कराने का आवेदन दिया।
इसी तरह लबिना आमदे ने ट्रेजरी चालान, हेमंत कुमार पात्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग 130डी पर नियमित पानी छिड़काव की मांग, और मनोज जयसवाल ने अपने व्यवसाय के लिए स्थाई दुकान स्थानांतरण की बात रखी।
जनदर्शन में भूमि विवाद, पेंशन, बिजली व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और बैंकिंग से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। विनोद कुमार ने जमीन नामांतरण, प्रवीण गोलछा ने वृद्ध पेंशन, और बड़े जम्हरी के ग्रामीणों ने धान संग्रहण केंद्र हटाने की मांग रखी।
केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने सप्लीमेंट्री परीक्षा से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, वहीं खड़कागांव और रायनार के सरपंचों ने सड़क, पुलिया और भूमि सुधार कार्यों की स्वीकृति की मांग की।
आत्मसमर्पित नक्सलियों को घोषित इनाम राशि दिलाने, डीएमएफ मद से निर्माण कार्य, स्कूल में प्रताड़ना, बैंक द्वारा डबल वसूली, छात्रावास निर्माण और वारिसान प्रमाण पत्र जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी जनदर्शन में उठाए गए।
कलेक्टर नम्रता जैन ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि प्रत्येक मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शासन जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। कलेक्टर द्वारा त्वरित कार्रवाई के निर्देश और समाधान का भरोसा ग्रामीणों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है, जिससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ है।
