नारायणपुर जिले में सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए साइबर पुलिस टीम ने ‘‘मोबाइल वापसी’’ अभियान के तहत गुम हुए मोबाइल फोन को खोजकर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाया। इस अभियान के तहत लाखों रुपये के मोबाइल बरामद कर लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई गई।

नारायणपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और आम जनता को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में साइबर सेल नारायणपुर ने ‘‘मोबाइल वापसी’’ नाम से एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत गुम हुए मोबाइल फोन की खोजबीन कर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाया गया।
इस अभियान के दौरान साइबर टीम ने विभिन्न स्थानों से कुल 21 नग मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 15 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। इन सभी मोबाइलों को 28 अप्रैल 2026 को विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित स्वामियों को सुपुर्द किया गया।
इस पहल का संचालन पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा, अजय कुमार, सुशील कुमार नायक एवं ऐश्वर्य चन्द्राकर के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं उप पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, जो साइबर सेल के नोडल अधिकारी हैं, उनके पर्यवेक्षण में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
अभियान में साइबर सेल के निरीक्षक दिनेश कुमार चंद्रा सहित सहायक उप निरीक्षक राजकुमार शोरी और अन्य पुलिसकर्मियों—राजू बघेल, संदीप चौहान, जयलाल पोटाई, कमलेश साहू, आशीष ध्रुव, सुमित नाग, रामचंद्र यादव और अंजु कुमेटी—की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा साइबर वॉलंटियर अनुराग नाग, अंजलि, सुखपाल और किसलय ने भी सक्रिय योगदान दिया।
मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने पुलिस टीम के इस प्रयास की सराहना की। यह अभियान न केवल लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहा, बल्कि सामुदायिक पुलिसिंग को भी मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ।
इसके साथ ही पुलिस ने आम जनता को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक भी किया। लोगों को बताया गया कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल (www.ceir.gov.in⁠�) पर जानकारी दर्ज करें और नजदीकी थाना या साइबर सेल से संपर्क करें। मोबाइल को पासवर्ड या लॉक के जरिए सुरक्षित रखना भी जरूरी बताया गया।
बैंकिंग धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने या cybercrime.gov.in पोर्टल पर 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।

नारायणपुर पुलिस का ‘‘मोबाइल वापसी’’ अभियान न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह जनता और पुलिस के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी है। ऐसे प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि यदि सही रणनीति और प्रतिबद्धता हो, तो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और आम नागरिकों को त्वरित राहत दी जा सकती है।

By आकाश सिंह

आकाश सिंह ठाकुर खोजी पत्रकार | नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आकाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के निवासी हैं और विगत 5 वर्षों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे आदिवासी अंचलों, अबूझमाड़ क्षेत्र और बस्तर संभाग से जुड़ी स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं जमीनी खबरों को प्रमुखता से देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं की पड़ताल, प्रशासनिक गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मंच देना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी समाज, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना उनका मूल उद्देश्य है।

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