नारायणपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला परिषद द्वारा आज जय स्तंभ चौक में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बस्तर संभाग और नारायणपुर जिले की 16 प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद नारायणपुर के नेतृत्व में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से बस्तर की खनिज संपदा पर स्थानीय समुदायों का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। इसमें कहा गया कि खनन कार्य स्थानीय लोगों की सहकारी समितियों के माध्यम से राज्य खनिज निगम की देखरेख में कराया जाए और निजी व बहुराष्ट्रीय कंपनियों को खदानों के लीज पर देने पर रोक लगाई जाए।
इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में दर 5 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये करने और बकाया भुगतान शीघ्र करने की मांग भी प्रमुख रही। किसानों के लिए नारायणपुर के सभी धान खरीदी केंद्रों में मक्का की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की मांग रखी गई।
संगठन ने यह भी मांग की कि खनन परियोजनाओं से पहले ग्राम सभाओं की अनुमति अनिवार्य की जाए तथा स्थानीय लोगों को रोजगार में 100 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाए। NMDC सहित सभी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को अवसर देने की बात भी उठाई गई।
ज्ञापन में नारायणपुर से ओरछा तक सड़क निर्माण, जाति आधारित जनगणना, CSR फंड का उपयोग स्थानीय बेरोजगारों के कौशल विकास में करने, और वनों की कटाई पर रोक लगाने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
इसके साथ ही सहकारी समितियों में गड़बड़ी, चिटफंड कंपनियों से आम जनता का पैसा वापस दिलाने और कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामलों में कार्रवाई की मांग भी रखी गई।

CPI के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर बस्तर में स्थानीय अधिकार, संसाधनों पर नियंत्रण और रोजगार जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इन 16 सूत्रीय मांगों पर क्या रुख अपनाता है और क्षेत्र के लोगों को कब तक राहत मिलती है।

By आकाश सिंह

आकाश सिंह ठाकुर खोजी पत्रकार | नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आकाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के निवासी हैं और विगत 5 वर्षों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे आदिवासी अंचलों, अबूझमाड़ क्षेत्र और बस्तर संभाग से जुड़ी स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं जमीनी खबरों को प्रमुखता से देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं की पड़ताल, प्रशासनिक गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मंच देना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी समाज, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना उनका मूल उद्देश्य है।

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