नारायणपुर, 28 जनवरी 2026
एचडीएफसी बैंक द्वारा संचालित समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम (परिवर्तन) के अंतर्गत जिला मोहला–मानपुर से आए किसान उत्पादक संगठन (FPO) के सदस्यों को 27 एवं 28 जनवरी 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), नारायणपुर का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, कम लागत एवं बहु-आय आधारित कृषि प्रणालियों से परिचित कराना रहा।


शैक्षणिक भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. दिब्येन्दु दास ने एफपीओ सदस्यों को केवीके की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने एकीकृत कृषि प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन एवं प्राकृतिक खेती का समन्वय कर कम लागत में अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
डॉ. दास ने प्राकृतिक खेती के लाभों पर प्रकाश डालते हुए मृदा स्वास्थ्य सुधार, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।


कार्यक्रम के दौरान इंद्र कुमार द्वारा किसानों को मशरूम की खेती से जुड़ी विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने मशरूम उत्पादन की विधि, आवश्यक संसाधन, लागत–लाभ विश्लेषण एवं विपणन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इसे स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बताया।
इसके पश्चात प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान एफपीओ सदस्यों को कड़कनाथ पालन, बटेर पालन, बकरी पालन, गाय पालन, मछली सह बतख पालन, केंचुआ खाद उत्पादन इकाई, कस्टम हायरिंग सेंटर, मशरूम उत्पादन इकाई, उद्यानिकी नर्सरी तथा कड़कनाथ व बटेर अंडा हैचिंग इकाई का अवलोकन कराया गया, जहां प्रत्येक इकाई की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया।
मिलेट कैफे व मल्टीएक्टिविटी सेंटर का भ्रमण
तत्पश्चात केवीके के तकनीकी मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से समूह द्वारा संचालित मिलेट कैफे नारायणपुर एवं मल्टीएक्टिविटी सेंटर कोचवाही का भ्रमण कराया गया। मिलेट कैफे में रागी, कोदो एवं कुटकी से निर्मित पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों की जानकारी दी गई।
वहीं मल्टीएक्टिविटी सेंटर कोचवाही में मिलेट्स कुकीज उत्पादन इकाई, मुर्गी पालन, बटेर पालन, गाय पालन, मछली सह बतख पालन, केंचुआ खाद उत्पादन, अजोला उत्पादन एवं फेंसिंग पोल निर्माण इकाइयों का अवलोकन कराया गया। इस दौरान एफपीओ सदस्यों ने समूह से जुड़ी महिलाओं से विस्तार से चर्चा की, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

यह शैक्षणिक भ्रमण एफपीओ सदस्यों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। भ्रमण के माध्यम से किसानों को बहु-आय आधारित कृषि मॉडल, प्राकृतिक खेती एवं ग्रामीण उद्यमिता की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई, जिससे भविष्य में उनके द्वारा इस मॉडल को अपनाकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाए जाने की संभावना प्रबल हुई।
इस अवसर पर केवीके के राकेश साहू, जयराम वड्डे, राजेश साहू, रवित कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
