नारायणपुर, 28 जनवरी 2026
साक्षरता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और नवसाक्षरों की सीख को व्यवहारिक रूप से परखने के उद्देश्य से गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को नारायणपुर जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं आश्रित गांवों में उल्लास मेले का आयोजन किया गया। यह मेला गणतंत्र दिवस समारोह स्थल पर उत्साह और सहभागिता के साथ संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, नवसाक्षर एवं आम नागरिक शामिल हुए।

उल्लास मेले का मुख्य उद्देश्य जिले में साक्षरता के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना, उल्लास कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना तथा नवसाक्षरों की समझ, दक्षता और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करना रहा। मेले के दौरान नवसाक्षरों द्वारा स्वयं तैयार किए गए विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से उनकी सीख और कौशल का प्रदर्शन किया गया। इन स्टॉलों में अक्षरों एवं अंकों की पहचान, चित्र पहचान, शब्द निर्माण, गिनती, जोड़-घटाना सहित कई शैक्षणिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही जीवनोपयोगी कौशल से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम भी है। मेले में आए आम नागरिकों को स्टॉलों के माध्यम से उल्लास कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे वे इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित हुए। इसके अलावा आयोजन स्थल पर खेल गतिविधियों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को उत्सव मय बना दिया। उल्लास मेले को ग्रामीणों और आम जनता से विशेष सराहना मिली। नवसाक्षरों ने आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे उनके भीतर आगे सीखने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने की भावना और मजबूत हुई।

उल्लास मेला कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि साक्षरता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि सशक्त समाज, जागरूक नागरिक और आत्मनिर्भर भारत की नींव है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित यह मेला जिले में साक्षरता अभियान को नई दिशा और ऊर्जा देने वाला साबित हुआ। इससे समाज में सकारात्मक सोच का विस्तार हुआ और यह विश्वास मजबूत हुआ कि शिक्षा के माध्यम से ही समावेशी विकास संभव है।

By आकाश सिंह

आकाश सिंह ठाकुर खोजी पत्रकार | नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आकाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के निवासी हैं और विगत 5 वर्षों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे आदिवासी अंचलों, अबूझमाड़ क्षेत्र और बस्तर संभाग से जुड़ी स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं जमीनी खबरों को प्रमुखता से देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं की पड़ताल, प्रशासनिक गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मंच देना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी समाज, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना उनका मूल उद्देश्य है।

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