अबूझमाड़पीस हाफ मैराथन 2026 के प्रचार में बच्चों ने कला से रची शांति की कहानी

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 के आयोजन से पहले नारायणपुर में शांति और जागरूकता का संदेश इस बार मंच या पोस्टर से नहीं, बल्कि दीवारों पर उकेरे गए रंगों के ज़रिए सामने आया। प्रमोशनल इवेंट के अंतर्गत आयोजित बच्चों की वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता में सैकड़ों नन्हे कलाकारों ने अपने ब्रश से मैराथन, प्रकृति और जनजातीय जीवन को जीवंत कर दिया।

नारायणपुर हाई स्कूल मैदान की बाउंड्रीवाल से लेकर हाई स्कूल–कलेक्ट्रेट मार्ग तक की दीवारें बच्चों की कल्पनाशील चित्रकारी से सज उठीं। प्रतियोगिता में भाग ले रहे बच्चों ने मैराथन जागरूकता, शांति, सद्भाव, खेल भावना के साथ-साथ अबूझमाड़ के घने जंगल, झरने, वन्य जीव, बस्तर आर्ट, परंपरागत आदिवासी जीवनशैली और नारायणपुर के पर्यटन स्थलों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
हर चित्र में बच्चों का उत्साह और समर्पण साफ झलक रहा था। कोई धावकों को शांति का संदेश देता दिखा रहा था तो कोई प्रकृति और मानव के सामंजस्य को। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि बच्चों के लिए अपनी बात समाज तक पहुँचाने का सशक्त मंच बन गया।
राहगीरों और स्थानीय नागरिकों के लिए हाई स्कूल एवं कलेक्ट्रेट मार्ग एक ओपन आर्ट गैलरी में तब्दील हो गया, जहाँ हर दीवार अबूझमाड़ की कहानी कहती नज़र आई।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिनसन गुड़िया ने कहा कि यह गतिविधि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के पांचवें संस्करण के तहत आयोजित प्रमोशनल इवेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि आगामी 31 जनवरी 2026 को होने वाली पीस हाफ मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास के संदेश को आगे बढ़ाने का अभियान है।

बच्चों की इस वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का संदेश केवल धावकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों की कला, समाज की भागीदारी और संस्कृति की ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। रंगों में सजी ये दीवारें नारायणपुर के बच्चों की हुनरमंदी, संवेदनशील सोच और रचनात्मक कौशल की स्थायी पहचान बनकर उभरी हैं।

By आकाश सिंह

आकाश सिंह ठाकुर खोजी पत्रकार | नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आकाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के निवासी हैं और विगत 5 वर्षों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे आदिवासी अंचलों, अबूझमाड़ क्षेत्र और बस्तर संभाग से जुड़ी स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं जमीनी खबरों को प्रमुखता से देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं की पड़ताल, प्रशासनिक गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मंच देना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी समाज, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना उनका मूल उद्देश्य है।

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