“शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में नारायणपुर पुलिस ने एक और निर्णायक कदम उठाया है। नक्सलमुक्त अबूझमाड़ की ओर बढ़ते हुए वर्ष 2026 की दूसरी सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप की स्थापना थाना कोहकामेटा क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित ग्राम वाड़ापेंदा में की गई है, जिससे वर्षों से अलग-थलग पड़े इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की राह प्रशस्त हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा लगातार नक्सल विरोधी “माड़ बचाओ” अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अबूझमाड़ अंचल में सुरक्षा सुदृढ़ करने, नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से थाना कोहकामेटा क्षेत्रांतर्गत ग्राम वाड़ापेंदा में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप की स्थापना की गई है। यह कैंप न केवल नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती देगा, बल्कि कोहकामेटा–कच्चापाल–परियादी एक्सिस तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्यों को सुरक्षित वातावरण में पूरा कराने में भी अहम भूमिका निभाएगा। नवीन कैंप की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीणों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना हुआ है।


कैंप की दूरी को समझे :

वाड़ापेंदा कैंप जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 60 किलोमीटर, थाना कोहकामेटा से 32 किलोमीटर, कच्चापाल से 23 किलोमीटर, कोडनार से 12 किलोमीटर और जटवर से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कैंप स्थापित होने से आसपास के कोगाली, टहकाटोंड, परबेड़ा, रेपिंग और वाड़ापेंदा जैसे गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
इस कैंप के माध्यम से कच्चापाल से तोके, कोडनार, जटवर, वाड़ापेंदा और बालेबेड़ा तक सड़क संपर्क सुदृढ़ होगा। साथ ही बालेबेड़ा से गरपा तक तथा कच्चापाल से गरपा तक सड़क निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

नारायणपुर में 2025 - 26 में खुले कैंपों के नाम
उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित गढ़ कुतुल सहित कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, आदिनपार और मन्दोड़ा में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किए थे। वहीं वर्ष 2026 में जटवर और अब वाड़ापेंदा में नए कैंप खोले गए हैं।

कैंप स्थापना में भूमिका
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज पी. सुन्दराज, पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज अमित कांबले (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रोबिनसन गुरिया सहित CAF, डीआरजी, बस्तर फाइटर और बीएसएफ की विभिन्न वाहिनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में संयुक्त बलों की अहम भूमिका रही।

वाड़ापेंदा में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप की स्थापना नक्सलमुक्त अबूझमाड़ की दिशा में “अंतिम कील” साबित हो रही है। यह पहल न केवल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि दशकों से उपेक्षित गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर “नया अबूझमाड़, नया बस्तर” और “समृद्ध नारायणपुर” के सपने को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

By आकाश सिंह

आकाश सिंह ठाकुर खोजी पत्रकार | नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आकाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के निवासी हैं और विगत 5 वर्षों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे आदिवासी अंचलों, अबूझमाड़ क्षेत्र और बस्तर संभाग से जुड़ी स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं जमीनी खबरों को प्रमुखता से देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं की पड़ताल, प्रशासनिक गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मंच देना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी समाज, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना उनका मूल उद्देश्य है।

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