
नारायणपुर जिले का प्रमुख प्रवेश द्वार बखरूपारा से गढ़बेंगाल तक का मार्ग इन दिनों बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुका है। गड्ढों, उखड़ी गिट्टी और उड़ती धूल से यह सड़क जिलेवासियों के लिए भारी परेशानी का सबब बना हुआ है। आम नागरिकों, वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और मरीजों को प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते समय गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार उठ रही शिकायतों और विपक्ष द्वारा किए गए आंदोलन के बाद अब इस मामले पर क्षेत्रीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री केदार कश्यप का बयान सामने आया है।

नारायणपुर जिले के बखरूपारा से गढ़बेंगाल तक की सड़क को जिले का प्रमुख प्रवेश मार्ग माना जाता है, लेकिन वर्तमान में यह मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और बिखरे पत्थरों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सबसे बड़ी समस्या उड़ती धूल की है, जिससे राहगीरों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और आसपास के रहवासी भी परेशान हैं।
उक्त गंभीर स्थिति को लेकर विगत एक सप्ताह पहले जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा उग्र आंदोलन किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर घंटों तक चक्का जाम किया था, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा। आंदोलन के दबाव के बाद जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा आनंद-खनन के अंतर्गत सड़क मरम्मत कार्य प्रारंभ किया गया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मरम्मत कार्य महज दो-तीन दिन में ही बंद हो गया। आधा-अधूरा कार्य छोड़ दिए जाने से सड़क पर डाले गए मटेरियल से पहले की तुलना में अधिक धूल उड़ने लगी है। स्थिति यह है कि सड़क की हालत सुधरने के बजाय और अधिक खराब होती जा रही है, जिससे जिलेवासियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
इस पूरे मामले पर आज सोमवार को दोपहर 12 बजे क्षेत्रीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप का बयान सामने आया है। मंत्री
केदार कश्यप ने कहा कि—
“जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत सड़क की मरम्मत सुनिश्चित की गई है। साथ ही बखरूपारा से गढ़बेंगाल तक सड़क के पुनः निर्माण को लेकर विगत 8 जनवरी को देश के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मैने स्वयं मुलाकात कर प्रस्ताव सौंपा है। आशा है कि जल्द ही इस दिशा में सार्थक कार्य आगे बढ़ेगा।”
मंत्री के बयान के बाद लोगों को उम्मीद तो जगी है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि फिलहाल सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। रोजमर्रा के सफर में लोगों को धूल, गड्ढों और पत्थरों से जूझना पड़ रहा है।
आदर्शवाणी स्पेशल: नारायणपुर जिले का प्रवेश द्वार कही जाने वाली बखरूपारा–गढ़बेंगाल सड़क आज जिलेवासियों के लिए परेशानी का प्रतीक बन चुकी है। आंदोलन, आश्वासन और प्रस्तावों के बावजूद यदि स्थायी समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश फिर सामने आ सकता है। अब देखना यह होगा कि मंत्री स्तर पर दिए गए आश्वासन और केंद्र को सौंपे गए प्रस्ताव पर कब तक ठोस कार्रवाई होती है और जिलेवासियों को इस बदहाल सड़क से राहत मिलती है।
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