विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान

2025-26 के अंतर्गत नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में केटेगरी-सी (नो मैपिंग श्रेणी) के मतदाताओं की सुनवाई एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेज गति से जारी है। जिला प्रशासन द्वारा सुदूर और दुर्गम अंचलों में शिविर आयोजित कर पात्र मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे हैं, ताकि मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन बनाया जा सके।

जिला जनसंपर्क कार्यालय, नारायणपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत केटेगरी-सी मतदाताओं की सुनवाई के लिए एक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) तथा 12 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ऐईआरओ) की नियुक्ति की गई है। नियुक्त अधिकारी नियमित रूप से सुनवाई कर मतदाताओं की पात्रता का परीक्षण एवं दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं।
इस क्रम में जिले के सुदूर अंचलों के ग्राम पांगुड, आकाबेड़ा, ओरछा, जीवलापदर, सोनपुर, बेनूर, भाटपाल सहित अन्य क्षेत्रों में शिविर लगाए जा चुके हैं। शेष ग्रामों में भी चरणबद्ध रूप से शिविर आयोजित कर केटेगरी-सी मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केटेगरी-सी में वे मतदाता शामिल हैं, जिनका स्वयं का अथवा उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 84 में इस श्रेणी के कुल 8,027 मतदाता चिन्हित किए गए हैं।
इन मतदाताओं से पात्रता सत्यापन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से सुनवाई एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने संबंधी नोटिस भी तामिल किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन ने बताया कि प्रारंभिक प्रकाशन हेतु दावा–आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 22 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है, जबकि सुनवाई की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2026 तय की गई है। प्रशासन ने केटेगरी-सी के सभी चिन्हित मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिविरों में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाया जा सके।

By आकाश सिंह

आकाश सिंह ठाकुर खोजी पत्रकार | नारायणपुर, छत्तीसगढ़ आकाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के निवासी हैं और विगत 5 वर्षों से सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे आदिवासी अंचलों, अबूझमाड़ क्षेत्र और बस्तर संभाग से जुड़ी स्थानीय, सामाजिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं जमीनी खबरों को प्रमुखता से देश-दुनिया के सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनसमस्याओं की पड़ताल, प्रशासनिक गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मंच देना उनकी पत्रकारिता की पहचान है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी समाज, ग्रामीण विकास और सामाजिक सरोकारों पर उनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना उनका मूल उद्देश्य है।

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