
पुलिस अधीक्षक ने ली क्राइम पर मैराथन बैठक
साल 2025 में 43 नक्सलियों को ढेर और 27 नए कैंप खोलने के बाद नारायणपुर पुलिस ने तैयार किया 2026 का रोडमैप। ‘बॉर्डरलेस पुलिसिंग’ और ‘जीरो इंसिडेंट’ पर रहेगा फोकस।
( आकाश सिंह, नारायणपुर):
माओवाद के गढ़ कहे जाने वाले नारायणपुर में शांति बहाली की दिशा में पुलिस ने अब निर्णायक युद्ध की तैयारी कर ली है। जिला पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) ने वर्ष 2026 के लिए “शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” का संकल्प लेते हुए पुलिसिंग का नया और आक्रामक रोडमैप तैयार किया है।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित मैराथन ‘क्राइम मीटिंग’ में SP ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 2026 में माओवादी नेटवर्क का पूर्ण सफाया और ‘बॉर्डरलेस पुलिसिंग’ उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। अब ‘बॉर्डरलेस पुलिसिंग’: थाना क्षेत्र के बहाने पीड़ितों को टाल नहीं पाएगी पुलिस
SP रोबिनसन गुड़िया ने पुलिसिंग की पुरानी परिपाटी को बदलते हुए ‘न्याय केंद्रित पुलिसिंग’ की घोषणा की है।
* नया नियम: अब पीड़ित किसी भी थाना या कैंप में जाकर अपनी समस्या साझा कर सकते हैं। चाहे घटना किसी भी क्षेत्र की हो, पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी होगी।
* सख्त निर्देश: थाना प्रभारी अब फरियादी को “यह हमारे थाने का मामला नहीं है” कहकर दूसरे थाने नहीं भेज सकेंगे। टेलीफोनिक सूचना पर भी तत्काल एक्शन लेना होगा।
मिशन 2026: नक्सलवाद का ‘द एंड’ और अबुझमाड़ महोत्सव
मीटिंग में SP ने कहा कि वर्ष 2025 की उपलब्धियां 2026 की नींव हैं। माओवादियों की सप्लाई चेन ध्वस्त करने के लिए अब मुख्य मार्गों पर नियमित MCP (मोबाइल चेक पोस्ट) लगाकर गहन चेकिंग की जाएगी।
हालांकि, पुलिस का यह चेहरा सिर्फ सख्त ही नहीं, बल्कि मानवीय भी होगा।
* अबुझमाड़ मैराथन: 31 जनवरी 2026 को ‘अबुझमाड़ पीस हाफ मैराथन’ के 5वें संस्करण का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य अबुझमाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और रहस्यमयी संस्कृति को विश्व पटल पर लाना है, ताकि यह क्षेत्र विश्व का समृद्ध पर्यटक केंद्र बन सके।
सुधर जाओ! यातायात नियम पुलिसवालों पर भी लागू
सड़क सुरक्षा को लेकर SP ने ‘जीरो इंसिडेंट’ का लक्ष्य रखा है। उन्होंने एक कड़ा और अनुकरणीय आदेश जारी किया है:
“हेलमेट पहनने और यातायात नियमों के पालन की शुरुआत सबसे पहले पुलिस अधिकारी और जवान खुद से करेंगे। नशा करके वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी और शहरों में विजुअल पुलिसिंग (गश्त) बढ़ाई जाएगी।”
फ्लैशबैक 2025: नारायणपुर पुलिस के लिए उपलब्धियों का साल
क्राइम मीटिंग के दौरान पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि बीता साल माओवाद उन्मूलन के लिहाज से ऐतिहासिक रहा:
* नक्सल सफाया: पुलिस ने कुल 43 खूंखार नक्सलियों (कुल इनाम ₹4.96 करोड़) को मार गिराया। इसमें 1 करोड़ का इनामी केशव राव और कोसा दादा जैसे टॉप कमांडर शामिल थे।
* समर्पण: पुलिस की नीतियों से प्रभावित होकर 298 नक्सलियों (इनाम ₹6.095 करोड़) ने आत्मसमर्पण किया।
* गिरफ्तारी: 78 माओवादी गिरफ्तार किए गए।
* सुरक्षा का दायरा: ओरछा, सोनपुर और कोहकामेटा जैसे दुर्गम इलाकों में 27 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए। नक्सलियों की अघोषित राजधानी ‘कुतुल’ तक सुरक्षा बल पहुंच चुके हैं।
* साइबर सुरक्षा: साइबर सेल ने ठगी के शिकार लोगों के ₹57.57 लाख वापस कराए और 111 गुम हुए मोबाइल मालिकों को लौटाएं।


SP रोबिनसन गुड़िया ने क्राइम चार्ट जारी करते हुए बताया कि हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है। मीटिंग के अंत में उन्होंने थाना प्रभारियों को वर्दी की गरिमा बनाए रखने और जनता का विश्वास जीतने का मंत्र दिया। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा, अजय कुमार, सुशील कुमार नायक और ऐश्वर्य चंद्राकर सहित सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
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