नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ अंचल में वर्षों से ठप पड़े राजस्व सर्वेक्षण कार्य को अब नई रफ्तार मिली है। जिला प्रशासन की समन्वित और सक्रिय पहल से असर्वेक्षित गांवों में भूमि सर्वे शुरू हो चुका है, जिससे अब तक योजनाओं से वंचित रहे ग्रामीणों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

नारायणपुर, 14 जनवरी 2026 // छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अधिसूचना के तहत नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के 246 असर्वेक्षित ग्रामों में राजस्व सर्वेक्षण किया जाना है। जिला प्रशासन द्वारा इस चुनौतीपूर्ण कार्य को चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
अब तक प्रशासनिक प्रयासों के तहत 06 ग्रामों का राजस्व सर्वे पूर्ण कर उनके अभिलेख भूईया पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। वहीं 09 ग्रामों में सर्वे पूरा होने के बाद अंतिम अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं, जबकि 18 ग्रामों में मौके का सत्यापन कार्य पूर्ण कर लिया गया है और शेष प्रक्रिया प्रगति पर है।
राजस्व सर्वे के अभाव में अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीण अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, खाद-बीज वितरण, कृषि ऋण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ से वंचित थे। सर्वे पूर्ण होने के बाद भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट होगी, किसानों को वैधानिक पहचान मिलेगी और विकास योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचेगा।
इस व्यापक अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर नम्रता जैन ने 22 जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी ग्रामों में जाकर सर्वे कार्य की निगरानी कर रहे हैं, ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को सर्वे के महत्व और लाभों की जानकारी दे रहे हैं तथा कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं।
साथ ही चयनित 100 ग्रामों में ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर ग्रामीणों की शंकाओं का समाधान किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को सचिव एवं हल्का पटवारी से समन्वय बनाकर निर्धारित समय-सीमा में बैठकों का आयोजन कर ग्रामीणों की सहमति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में राजस्व सर्वेक्षण को आगे बढ़ाना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन वर्तमान पहल से यह स्पष्ट है कि शासन अब इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है। राजस्व सर्वे के पूरा होने से न केवल ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि अबूझमाड़ के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
