
नारायणपुर जिले में नए साल का आगाज खुशियों बांटने की एक खूबसूरत पहल के साथ हुआ। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सुलेंगा में गुरुवार सुबह 11 बजे जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग ने मिलकर ‘न्योता भोज’ का विशेष आयोजन किया। मौका था विद्यालय में पढ़ने वाली 29 छात्राओं के जन्मदिन का। इस आयोजन ने न केवल छात्रावास में उत्सव का माहौल बना दिया, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और नन्ही छात्राओं के बीच अपनेपन की एक नई डोर भी बांधी।

हॉस्टल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की कलेक्टर नम्रता जैन मुख्य रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत बेहद उल्लासपूर्ण माहौल में हुई, जहां कलेक्टर ने 29 बालिकाओं के साथ मिलकर केक काटा और उन्हें जन्मदिन की ढेरों बधाइयां दीं। छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हुए कलेक्टर ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस ‘न्योता भोज’ की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली, जब पद और प्रोटोकॉल को दरकिनार कर जिले के तमाम बड़े अधिकारी बच्चियों के साथ पंगत में बैठकर भोजन करते नजर आए। कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “घर-परिवार से दूर छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही इन बच्चियों को परिवार जैसा माहौल देना हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें महसूस होता है कि प्रशासन और समाज उनके साथ खड़ा है।”इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने बालिकाओं के साथ बड़े चाव से भोजन किया, जिससे वहां सामाजिक समरसता और समानता का संदेश गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर सुनील सोनपिपरे, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, डीएमसी भवानी शंकर रेड्डी, सहायक परियोजना अधिकारी (साक्षरता) महेन्द्र कुमार देहारी और विद्यालय की प्राचार्य समेत शिक्षा विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा। हॉस्टल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की कलेक्टर नम्रता जैन मुख्य रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत बेहद उल्लासपूर्ण माहौल में हुई, जहां कलेक्टर ने 29 बालिकाओं के साथ मिलकर केक काटा और उन्हें जन्मदिन की ढेरों बधाइयां दीं। छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हुए कलेक्टर ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस ‘न्योता भोज’ की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली, जब पद और प्रोटोकॉल को दरकिनार कर जिले के तमाम बड़े अधिकारी बच्चियों के साथ पंगत में बैठकर भोजन करते नजर आए। कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि “घर-परिवार से दूर छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही इन बच्चियों को परिवार जैसा माहौल देना हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें महसूस होता है कि प्रशासन और समाज उनके साथ खड़ा है।”
इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने बालिकाओं के साथ बड़े चाव से भोजन किया, जिससे वहां सामाजिक समरसता और समानता का संदेश गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर सुनील सोनपिपरे, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, डीएमसी भवानी शंकर रेड्डी, सहायक परियोजना अधिकारी (साक्षरता) महेन्द्र कुमार देहारी और विद्यालय की प्राचार्य समेत शिक्षा विभाग का पूरा अमला मौजूद रहा।

आदर्शवाणी स्पेशल:
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सुलेंगा में आयोजित यह न्योता भोज केवल एक भोजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदनाओं का एक सेतु था। अक्सर प्रशासनिक अधिकारियों को फाइलों और दफ्तरों में उलझा हुआ देखा जाता है, लेकिन नारायणपुर प्रशासन की इस पहल ने मानवीय संवेदनाओं का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। जन्मदिन के बहाने ही सही, इन 29 बालिकाओं को नए साल पर जो स्नेह और सम्मान मिला, वह उनके लिए एक यादगार तोहफा बन गया। इस तरह के प्रयास निश्चित रूप से बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
