
नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड में आज दिनांक 24 नवंबर दिन सोमवार दोहरा 2 बजे आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अबूझमाड़ के ब्लॉक मुख्यालय ओरछा पहुंचे जहां उन्होंने 68.55 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने ओरछा में तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र स्थापित करने की घोषणा करते हुए इसे बस्तर की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
वन मंत्री केदार कश्यप ने ओरछा में कुल 57.02 लाख रुपए के निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 16 लाख 53 हजार रुपए की परियोजनाओं का भूमिपूजन किया।इनमें प्रमुख रूप से— ग्राम ईरकभट्टी में 28.51 लाख रुपये लागत से स्वास्थ्य भवन का लोकार्पणग्राम मोहंदी में 28.51 लाख रुपये के स्वास्थ्य भवन का लोकार्पणजनपद पंचायत ओरछा कार्यालय के सामने टॉ-वॉल, फेंसिंग और अन्य निर्माण कार्य हेतु 10 लाख रुपयेकस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय ओरछा में इंटरलॉकिंग, बैडमिंटन व बॉलिवॉल कोर्ट, समतलीकरण आदि कार्यों हेतु 6.53 लाख रुपये का भूमिपूजन किया।इन सभी परियोजनाओं को ओरछा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण मंत्री केदार कश्यप द्वारा किया गया यह ऐलान रहा कि “ओरछा में तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र स्थापित किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि यह केंद्र—बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, वनजीवों और वन-संपदा, और तेंदूपत्ता संग्रहण की पारंपरिक प्रक्रिया को संरक्षित करेगा। साथ ही, यह स्थानीय युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और प्रशिक्षण के नए अवसर भी प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की उपस्थितिइस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलामजिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकामसरपंच संध्या पवारजिला पंचायत सदस्य गुड्डू उसेण्डी, राकेश उसेण्डीचेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष पंकज जैनपुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़ियाजिला पंचायत सीईओ आकांक्षा खलखोडीएफओ एम.जी. वेंकेटेशाएसडीएम डॉ. सुमित गर्गसाथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, कर्मचारी और पत्रकार मौजूद रहे।
ओरछा में आयोजित कार्यक्रम जिले के विकास की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ। तेंदूपत्ता संग्रहण केंद्र की घोषणा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्य, श्रृंखला ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बस्तर और अबूझमाड़ क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।




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