
नारायणपुर जिले में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ के बैनर तले चल रहा तीन दिवसीय काम बंद–कलम बंद आंदोलन बुधवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। हजारों की संख्या में शासकीय कर्मचारी रैली के रूप में सड़कों पर उतरे और अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।

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विगत 29 दिसंबर से नारायणपुर के बाजार स्थल में जिले भर के शासकीय कर्मचारी धरना-प्रदर्शन पर बैठे हुए थे। यह आंदोलन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों—शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, नगरीय निकाय, लिपिक संवर्ग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार दोपहर 3 बजे हजारों कर्मचारियों ने विशाल रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। रैली के दौरान “मोदी की गारंटी पूरी करो”, “हमारी मांगें पूरी करो”, “वेतन विसंगति दूर करो” जैसे नारों से पूरा नारायणपुर शहर गूंज उठा। जैसे ही रैली हाई स्कूल मैदान के पास पहुंची, पहले से तैनात सुरक्षा बलों ने रास्ता रोक लिया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। बाद में मौके पर पहुंचे नारायणपुर के SDM अभिजीत मांडवी ने आंदोलनकारियों से 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्राप्त किया। मीडिया से बातचीत में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हितों से जुड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की मांग है। संघ ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी अधिकारी एवं पेंशनर पूर्णतः कार्य बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठेंगे। ऐसी स्थिति में विभागीय कार्यों में आने वाली बाधाओं और जनता को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ की 11 सूत्रीय प्रमुख मांगें
1 मोदी की गारंटी के अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) प्रदान किया जाए।
2 वर्ष 2019 से लंबित DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
3 लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
4 प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष में लागू किया जाए।
5 सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान तथा नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन व समबद्ध पदोन्नति दी जाए।
6 अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू की जाए।
7 अनुकंपा नियुक्ति को नि:शर्त लागू करने हेतु स्थायी आदेश जारी कर 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त की जाए।
8 मध्यप्रदेश की भांति अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिवस की जाए।
9 प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त सेवा लाभ दिए जाएं तथा पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
10 कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
11 कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।आदर्शवाणी स्पेशल
तीन दिवसीय आंदोलन के समापन के साथ ही कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन संघ ने सरकार के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखा है। अब निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो नारायणपुर सहित पूरे प्रदेश में कर्मचारियों का यह आंदोलन और तेज होने के संकेत दे रहा है।
